दिनांक : 11/27/2015
रिज़र्व बैंक की आईटी सहायक संस्था के लिए मुख्य कार्यकारी अधिकारी की भर्ती
1. पृष्ठभूमि

भारतीय रिज़र्व बैंक (आरबीआई), आरबीआई अधिनियम, 1934 के तहत स्थापित एक सांविधिक संगठन, रिज़र्व बैंक और इसके द्वारा विनियमित संस्थाओं की साइबर सुरक्षा अपेक्षाओं सहित आईटी आवश्यकताओं की देखभाल करने के लिए एक सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) सहायक संस्था की स्थापना की प्रक्रिया में है।

यह सहायक संस्था वित्तीय क्षेत्र पर विशेष ध्यान देने के साथ आईटी और साइबर सुरक्षा (संबंधित अनुसंधान सहित) पर ध्यान केंद्रित करेगी और भारतीय रिज़र्व बैंक द्वारा विनियमित संस्थाओं की आईटी प्रणाली लेखा परीक्षा और आकलन करने के लिए सहायता करेगी; रिज़र्व बैंक की आंतरिक या सिस्टम-वाइड आईटी परियोजनाओं (वर्तमान और नई दोनों) के बारे में परामर्श, क्रियान्वयन और रखरखाव करेगी तथा रिज़र्व बैंक और सहायक संस्था के बीच पारस्परिक रूप से निर्णय के अनुसार रिज़र्व बैंक के महत्वपूर्ण आईटी प्रणालियों का प्रबंधन करेगी।

यह सहायक संस्था नवाचार, बड़ी प्रणालियों और नए विचारों के लिए एक थिंक-टैंक के रूप में कार्य करेगी। इसका ध्यान विनियमन के लिए आईटी कार्यनीति पर और उच्च बौद्धिक क्षमता की सामग्री के लिए एक थिंक-टैंक बनाने, इसके अलावा, विनियमित संस्थाओं के परिचालन के आईटी क्षेत्र और आरबीआई के आईटी संबंधित कार्य और पहलों में मार्गदर्शन करने की क्षमता पर रहेगा। अंतर-परिचालन और पार-संस्थागत सहयोग की आवश्यकता को देखते हुए, संस्था से अपेक्षा होगी कि वह विनियामक के रूप में रिज़र्व बैंक की भूमिका को मजबूत करने के लिए मानकों की स्थापना में प्रभावी ढंग से भाग लेगी। संस्था में सलाहकार समितियां होंगी जो रिज़र्व बैंक द्वारा विनियमित संस्थाओं की साइबर सुरक्षा, वर्तमान और भविष्य की आवश्यकताओं, के विशेष रूप से विनियामक और पर्यवेक्षी दृष्टिकोण से मार्गदर्शन प्रदान करेंगी और रिज़र्व बैंक को उसकी आईटी प्रणालियों और परियोजनाओं/प्रक्रियाओं पर सलाह देंगी। यह सहायक संस्था वित्तीय पर्यवेक्षण बोर्ड, भुगतान और निपटान प्रणाली बोर्ड और बोर्ड की आईटी उप समिति सहित रिज़र्व बैंक के शीर्ष स्तर की समितियों को समय-समय पर, और आवश्यक होने पर आरबीआई के केंद्रीय निदेशक बोर्ड को रिपोर्ट करेगी।

2. मुख्य कार्यकारी अधिकारी

आईटी सहायक संस्था के प्रमुख इसके मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) होंगे जो साइबर सुरक्षा सहित आईटी से संबंधित क्षेत्रों में उच्च प्रेरित पेशेवरों की एक टीम का नेतृत्व करेंगे।

प्रारंभिक अवधि के दौरान, सीईओ से अपेक्षा है कि वे आईटी सहायक संस्था की स्थापना की प्रक्रिया में भाग लेंगे और विशेष कार्य अधिकारी (ओएसडी) के रूप में पदनामित किया जाएगा। प्रारंभिक चरण में, अन्य के साथ ही, सीईओ/ओएसडी कंपनी के लिए उचित संरचना और नई कंपनी की आवश्यकताओं के अनुरूप एक टीम के निर्माण के लिए जिम्मेदार होंगे।

कंपनी का नेतृत्व करते हुए, सीईओ को भविष्य की प्रौद्योगिकी और तेजी से बदलते साइबर परिदृश्य का अनुमान लगाने और बैंकिंग और वित्तीय सेवा क्षेत्र की साइबर स्पेस और सेवा आवश्यकताओं के विनियमन और पर्यवेक्षण के लिए आईटी कार्यनीति की दिशा में काम करने की जरूरत है।

3. पात्रता

i) योग्यता: उम्मीदवार इंजीनियरिंग/प्रौद्योगिकी में स्नातकोत्तर और साथ ही सूचना प्रौद्योगिकी संबंधी विषयों जैसे- कंप्यूटर विज्ञान, इलेक्ट्रॉनिक्स, संचार इंजीनियरिंग, सिस्टम प्रबंधन, इत्यादि में स्नातक की डिग्री होनी चाहिए।

ii) अनुभव: आईटी उद्योग में कम से कम 10 वर्ष का अनुभव, अधिमानतः साइबर सुरक्षा और आईटी प्रणाली लेखा परीक्षा व आकलन तथा महत्वपूर्ण आईटी प्रणालियों के कार्यान्वयन में एवं कम से कम पांच साल काफी वरिष्ठ स्तर पर आईटी कंपनी की एक बड़ी इकाई या बैंक/वित्तीय संस्था की आईटी इकाई के प्रमुख के रूप में, साथ ही विकास, कार्यान्वयन और उचित प्रबंधकीय कौशल सहित आईटी से संबंधित परियोजनाओं के प्रबंधन का अच्छा ज्ञान भी होना चाहिए।

iii) आयु: 45 से 55 वर्ष के बीच की आयु को वरियता दी जाएगी।

4. कार्यकाल

प्रारंभ में ओएसडी के रूप में एक वर्ष के लिए और उसके बाद मुख्य कार्यकारी अधिकारी के रूप में 2 वर्ष तक की अवधि के लिए, अगली अवधि के लिए आपसी सहमति से नवीनीकरण योग्य।

5. पारिश्रमिक

प्रतिफल उद्योग में स्तरों के अनुरूप होगा और सही उम्मीदवार के लिए बाधा नहीं होगा।

6. आवेदन कैसे करें

इच्छुक उम्मीदवार सॉफ्टकॉपी में सभी विवरण देते हुए उसके बाद हार्डकॉपी में आवेदन करें जो 18 दिसम्बर 2015 तक निम्न पते पहुँच जाए।

प्रभारी मुख्य महाप्रबंधक
सूचना प्रौद्योगिकी विभाग
केंद्रीय कार्यालय, 14वीं मंजिल
भारतीय रिज़र्व बैंक
शहीद भगत सिंह मार्ग
फोर्ट, मुंबई - 400 001
ईमेल
टेलीफोन: +91 22 22624856

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