दिनांक : 05/16/2016
रिज़र्व बैंक की आईटी सहायक संस्था के लिए वर्टिकल प्रमुखों की भर्ती

1. पृष्ठभूमि

भारतीय रिज़र्व बैंक (आरबीआई), आरबीआई अधिनियम, 1934 के तहत स्थापित एक सांविधिक संगठन होकर, रिज़र्व बैंक और इसकी विनियमित संस्थाओं की साइबर सुरक्षा की जरूरतों सहित आईटी आवश्यकताओं की देखभाल करने के लिए एक सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) सहायक संस्था की स्थापना की प्रक्रिया में है।

यह आईटी सहायक संस्था वित्तीय क्षेत्र की आईटी और साइबर सुरक्षा (संबंधित अनुसंधान सहित) पर ध्यान केंद्रित करेगी और आरबीआई द्वारा विनियमित संस्थाओं की आईटी प्रणालियों की लेखा परीक्षा और आकलन करने में सहायता करेगी; रिज़र्व बैंक की आंतरिक या सिस्टम-वाइड आईटी परियोजनाओं (वर्तमान और नई दोनों) के बारे में परामर्श, क्रियान्वयन और रखरखाव करेगी तथा रिज़र्व बैंक और सहायक संस्था के बीच पारस्परिक रूप से निर्णय के अनुसार रिज़र्व बैंक के महत्वपूर्ण आईटी प्रणालियों का प्रबंधन करेगी।

विनियमित संस्थाओं को उनके आईटी क्षेत्र के परिचालन और आरबीआई के आईटी संबंधी कार्यों और पहलों को मार्गदर्शन करने की क्षमता होने के अलावा यह आईटी सहायक संस्था नवाचार, बड़ी प्रणालियों और नए विचारों के लिए एक उत्प्रेरक के रूप में कार्य करेगी। अंतर-परिचालन और पार-संस्थागत सहयोग की आवश्यकता को देखते हुए, संस्था से अपेक्षा होगी कि वह विनियामक के रूप में रिज़र्व बैंक की भूमिका को मजबूत करने के लिए मानकों की स्थापना में प्रभावी ढंग से भाग लेगी। संस्था में सलाहकार समितियां होंगी जो रिज़र्व बैंक द्वारा विनियमित संस्थाओं की साइबर सुरक्षा, वर्तमान और भविष्य की आवश्यकताओं, के विशेष रूप से विनियामक और पर्यवेक्षी दृष्टिकोण से मार्गदर्शन प्रदान करेंगी और रिज़र्व बैंक को उसकी आईटी प्रणालियों और परियोजनाओं/प्रक्रियाओं पर सलाह देंगी। यह सहायक संस्था वित्तीय पर्यवेक्षण बोर्ड, भुगतान और निपटान प्रणाली बोर्ड और बोर्ड की आईटी उप समिति सहित रिज़र्व बैंक के शीर्ष स्तर की समितियों को समय-समय पर, और आवश्यक होने पर आरबीआई के केंद्रीय निदेशक बोर्ड को रिपोर्ट करेगी।

2. क. वरिष्ठ उपाध्यक्ष (एसवीपी) / वर्टिकल प्रमुख (04 पद)
ख. उपाध्यक्ष (उपाध्यक्ष), मानव संसाधन प्रबंधन

इस सहायक संस्था के प्रमुख इसके मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) होंगे, जिन्हे अभिप्रेरित पेशेवरों की एक टीम सहयोग करेगी जिसे आईटी से संबंधित क्षेत्रों में कार्यक्षेत्र (डोमेन) का व्यापक ज्ञान है, विशेष रूप से -

  1. साइबर सुरक्षा

  2. आईडीआरबीटी, हैदराबाद सहित अन्य संस्थानों के साथ सहयोग सहित अनुसंधान और नवाचार

  3. आरबीआई विनियमित संस्थाओं की आईटी प्रणाली लेखा परीक्षा और आकलन

  4. समर्थन (सपोर्ट) और सलाहकारी सेवाओं सहित आईटी परियोजना प्रबंधन

वर्टिकल प्रमुखों से अपेक्षित है कि उन्हे डिजिटल प्रौद्योगिकी का एक्स्पोजर हो और भविष्य की प्रौद्योगिकी का पूर्वानुमान करने में तथा उल्लिखित व्यापक क्षेत्रों में तेजी से बदलते साइबर परिदृश्य से प्रतिक्रिया करने में सक्षम हों। उनसे यह भी अपेक्षित है कि वे स्टार्टअप्स सहित इस उद्योग से लगातार इंटरफ़ेस करें और फिन-टेक्स चल रहे नवाचारों से अद्यतन रहें और ऐसे घटनाक्रम को लागू करने या अनुक्रिया देने के बारे में वांछनीयता या अन्यथा पर सलाह दें। वर्टिकल के प्रमुख सीईओ को रिपोर्ट करेंगे।

3. पात्रता

i) योग्यता: एसवीपी के पदों के लिए, उम्मीदवार अधिमानतः इंजीनियरिंग / सूचना प्रौद्योगिकी संबंधी विषयों जैसे- कंप्यूटर विज्ञान, इलेक्ट्रॉनिक्स, संचार इंजीनियरिंग, सिस्टम प्रबंधन, इत्यादि में स्नातक होना चाहिए। उपर्युक्त क्षेत्रों / प्रबंधन में स्नातकोत्तर योग्यता एक अतिरिक्त लाभ होगा। वीपी, एचआरएम के एक पद के लिए आवेदन करने वाले उम्मेदवारों के पास एचआर में मास्टर्स डिग्री होनी चाहिए।

ii) अनुभव: एसवीपी के पदों के लिए, आईटी उद्योग में संबन्धित क्षेत्र में कम से कम 10 वर्ष का अनुभव जिसमें से कम से कम 5 वर्ष का अनुभव प्रतिष्ठित आईटी कंपनी के कार्यात्मक क्षेत्रों के प्रमुख के रूप में हो। वीपी, एचआरएम के पद के लिए, प्रतिष्ठित आईटी कंपनी में एचआर प्रबंधन का कम से कम 7 वर्ष का अनुभव।

iii) आयु: 01 अप्रैल 2016 को आयु अधिमानतः 35 से 45 वर्ष के बीच हो।

4. पारिश्रमिक

उत्कृष्ट और महत्वाकांक्षी पेशेवरों की भर्ती करने का प्रयोजन है। इसलिए, सही उम्मीदवार के लिए प्रतिफल बाधा नहीं होगा।

5. आवेदन कैसे करे

एक उम्मीदवार अधिकतम दो विज्ञापित पदों/वर्टिकल के लिए आवेदन कर सकता है। पात्रता मानदंडों को पूरा करने वाले इच्छुक उम्मीदवार संलग्न प्रारूप में ई-मेल को 06 जून 2016 तक आवेदन कर सकते हैं।

Server 214
शीर्ष