बदलते समय के अनुरूप अपने आपको ढालना
भारतीय रिज़र्व बैंक देश का केंद्रीय बैंक है। अनेक केंद्रीय बैंकों, जिन्‍हें आज हम जानते हैं, की स्‍थापना बीसवीं सदी के पूर्वार्द्ध में हुई थी। भारतीय रिज़र्व बैंक की स्‍थापना हिल्‍टन यंग आयोग की सिफारिशों के आधार पर की गई थी। भारतीय रिज़र्व बैंक अधिनियम, 1934 (1934 का ।।) में बैंक के कार्यसंचालन के सांविधिक आधार का प्रावधान किया गया है तथा इसने अपना परिचालन 1 अप्रैल 1935 को शुरू किया था।


इन मील के पत्‍थरों को पार करते हुए भारतीय रिज़र्व बैंक आज इस स्‍तर पर पहुंचा है। हमारे इतिहास के बारे में जानने के लिए कृपया https://rbi.org.in/History/Index.html नामक विशिष्‍ट इतिहास खंड देखें।

1926
संस्‍था की शुरुआत
हिल्‍टन यंग आयोग ने भारतीय रिज़र्व बैंक की स्‍थापना हेतु सिफारिश की।

1935
भारतीय रिज़र्व बैंक ने अपने कार्यसंचालन की शुरुआत की।

1947
भारतीय रिज़र्व बैंक हुआ राष्‍ट्रव्‍यापी
भारत को स्‍वतंत्रता प्राप्‍त हुई।

1949
भारतीय रिज़र्व बैंक का राष्‍ट्रीयकरण हुआ।

1950
विकास पर दिया ध्‍यान
भारत योजनाबद्ध आर्थिक विकास की ओर अग्रसर हुआ। रिज़र्व बैंक ने इस प्रक्रिया में सक्रिय एजेंट बनकर सहभागिता की।

1951 - 1967
भारतीय रिज़र्व बैंक ने कृषि और दीर्घकालिक वैयक्तिक क्रेडिट के लिए संस्‍थागत इन्‍फ्रास्‍ट्रक्‍चर की स्‍थापना की।

1970
जनोन्‍मुख बैंकिंग
भारतीय रिज़र्व बैंक ने बैंकों को निर्देश दिया कि वे अपने शाखा नेटवर्क को बढ़ाकर और सबसे छोटे उधारकर्ता को ऋण देकर बैंकिंग को जनता तक ले जाएं।

1973
पूंजी पलायन को रोकने के लिए विदेशी मुद्रा विनिमय पर अंकुश लगाने वाले सख्‍त ढांचे का विधायन किया गया।

1991
प्रमुख राजकोषीय और वित्‍तीय सुधार की पहलें
भारत को भुगतान संतुलन के अभूतपूर्व संकट का सामना करना पड़ा; रुपया का अवमूल्‍यन किया और बाह्य क्षेत्र को स्थिर बनाया, साथ ही साथ राजकोषीय, व्‍यापार, विदेशी निवेश और वित्‍तीय क्षेत्रों में सुधार का अभियान चलाया।

1993-94
अंतरराष्‍ट्रीय विवेकपूर्ण मानकों को अपनाया और संस्‍थाओं को माइक्रो से मैक्रो प्रबंधन में अं‍तरित करने हेतु महत्‍वपूर्ण प्रयास शुरू किए।

1997
राजकोषीय अनुशासन के लिए सरकार के साथ करार किया।

2000
चालू खाते पर परिवर्तनीयता को सुचारु बनाने से संबंधित कानूनी ढांचे की शुरुआत। विदेशी मुद्रा विनियमन अधिनियम के स्‍थान पर विदेशी मुद्रा प्रबंध अधिनियम की प्रतिस्‍थापना की।

2001 - 2003
भारतीय रिज़र्व बैंक वित्‍तीय बाज़ारों के विकास, वित्‍तीय क्षेत्र को सुदृढ़ बनाने के लिए नवीनतम प्रौद्योगिकी का प्रयोग करते हुए निरंतर प्रयासरत है।

2004 - 2005
भारतीय रिज़र्व बैंक ने आधुनिक भुगतान और निपटान प्रणाली की स्‍थापना की और वित्‍तीय क्षेत्र को सुदृढ़ बनाने के लिए प्रयासरत है।

भविष्‍य
सपना देखिए उस संस्‍था के बारे में, जिसमें आप कार्य करेंगे, सपना देखिए भारतीय अर्थव्‍यवस्‍था में परिवर्तन लाने के बारे में और अपने सपनों को साकार बनाने के लिए प्रयास करें।

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