दिनांक : 06/30/2014प्रो. के.एन. राज स्‍मारक राष्‍ट्रीय फेलोशिप योजना – 2014-15

दिनांक : 30 जून 2014

प्रो. के.एन. राज स्‍मारक राष्‍ट्रीय फेलोशिप योजना – 2014-15

राष्‍ट्र के आर्थिक विकास में योगदान देते हुए उत्‍कृष्‍ट सेवा प्रदान करने के लिएभारतीय रिज़र्व बैंक द्वारा प्रो. के.एन. राज के सम्‍मान में वर्ष 2012-13 से प्रो. के.एन. राज स्‍मारक राष्‍ट्रीय फेलोशिप योजना का प्रारंभ किया गया है। इस योजना के अंतर्गत देशी/विदेशी अनुसंधान शास्‍त्रज्ञों को भारत में निर्धारित शैक्षिक संस्‍थाओं में अल्‍पावधिक अनुसंधान कार्य करने का अवसर प्रदान किया जाता है।

1. उद्देश्‍य

इस फेलोशिप योजना के सामान्‍य उद्देश्‍य इस प्रकार हैं :

i. सहयोगात्‍मक प्रयासों को बढ़ावा देकर शैक्षिक अनुसंधान कार्यों को सुदृढ़ बनाने और प्रोत्‍साहित करने हेतु सुप्रसिद्ध अनुसंधान शास्‍त्रज्ञ को विश्‍विद्यालय/अनुसंधान संस्‍था में कार्य करने का अवसर प्रदान करना।

ii. अल्‍पावधिक अनुसंधान कार्यों के माध्‍यम से नीतिगत परिवर्तनों पर ध्‍यान केंद्रित करना।

iii. विश्‍वविद्यालयों/अनुसंधान संस्‍थाओं के अनुसंधानकर्ताओं को प्रसिद्ध अर्थशास्त्रियों के साथ कार्य करने का अवसर प्रदान करना।

2. पात्रता

इस योजना के पात्रता मानदंड निम्‍नानुसार हैं :

i. प्रतिष्ठित देशी/अंतरराष्‍ट्रीय विश्‍वविद्यालयों/अनुसंधान संस्‍थाओं में समाज शास्‍त्र के क्षेत्र के प्रसिद्ध शास्‍त्रज्ञ (भारतीय या विदेशी राष्ट्रिक)।

ii. ऐसे शास्‍त्रज्ञ जिन्‍होंने उत्‍कृष्‍ट व्‍यावसायिक योगदान प्रदान किया है। इसमें अग्रगण्‍य अंतरराष्‍ट्रीय जर्नलों में पत्रों/आलेखों का प्रका‍शन भी शामिल है।

iii. प्रतिष्ठित देशी/अंतरराष्‍ट्रीय विश्‍वविद्यालयों/अनुसंधान संस्‍थाओं द्वारा प्रायोजित ऐसे शास्‍त्रज्ञ जो पात्रता मानदंडों को पूरा करते हों।

3. विषय

भारतीय रिज़र्व बैंक के आर्थिक और नीति अनुसंधान पर संचालन समिति (एससीईपीआर) द्वारा विनिर्दिष्‍ट विषय अनुसंधान का आधार बनेगा।

4. चयन प्रक्रिया

i. उन आवेदनों पर ही विचार किया जाएगा जो निर्धारित फार्मेट के अनुरूप पूर्ण रूप से भरे गए हों, जिनके साथ अधिकतम 1000 शब्‍दों का एक अनुसंधान प्रस्‍ताव संलग्‍न किया गया हो और जो नियत तारीख से पहले प्राप्‍त हुए हों।

ii. भारतीय रिज़र्व बैंक द्वारा गठित चयन समिति द्वारा अनुसंधान प्रस्‍ताव और जीवन-वृत्‍त के आधार पर उम्‍मीदवारों को शॉर्टलिस्‍ट किया जाएगा।

iii. उसके बाद एक चयन पैनल द्वारा शॉर्टलिस्‍ट किए गए उम्‍मीदवारों का साक्षात्‍कार लिया जाएगा।

iv. योग्‍य पाए गए उम्‍मीदवारों को भारतीय रिज़र्व बैंक द्वारा निर्धारित विषय पर अनुसंधान करने हेतु आमंत्रित किया जाएगा।

पुनश्‍च : अनुसंधान/शैक्षिक संस्‍था (मेजबान संस्‍था) का चयनरिज़र्व बैंक द्वारा किया जाएगा जहां चयनित शास्‍त्रज्ञ अनुसंधान कार्य करेंगे।

5. आवेदन का प्रस्‍तुतीकरण

निर्धारित फार्म (फार्मेट संलग्‍न है) के अनुसार पूर्ण रूप से भरे गए आवेदन और उसके साथ विस्‍तृत जीवन-वृत्‍त एवं अनुसंधान प्रस्‍ताव को ‘‘निदेशक, विकास अनुसंधान समूह, आर्थिक और नीति अनुसंधान विभाग, 7वीं मंजि़ल, केंद्रीय कार्यालय भवन, भारतीय रिज़र्व बैंक, फोर्ट, मुंबई – 400 001’’ को 18 जुलाई 2014 तक भेजा जाना चाहिए।

सॉफ्ट वर्शन (हार्ड कॉपी के अतिरिक्‍त) और/या इस योजना के संबंध में कोई प्रश्‍न हो तो उन्‍हें ई-मेल द्वारा भेजा जाए।

6. स्‍कॉलरशिप की संख्‍या

इस योजना के अंतर्गत एक समय-खंड में एक ही शास्‍त्रज्ञ का चयन किया जाएगा।

7. योजना की अवधि

इस योजना की अवधि तीन माह की होगी। तथापि, शास्‍त्रज्ञ को लचीलापन दिए जाने की दृष्टि से इसे छह माह की अवधि किया जा सकता है।

8. योजना का प्रबंध

इस योजना का प्रबंध विकास अनुसंधान समूह, आर्थिक और नीति अनुसंधान विभाग, केंद्रीय कार्यालय भवन, भारतीय रिज़र्व बैंक, फोर्ट, मुंबई – 400 001 द्वारा किया जाएगा।

9. सुविधाएं

इस योजना के अंतर्गत निम्‍नलिखित मुख्‍य सुविधाएं उपलब्‍ध कराई जाएंगी :

i. भारत में कार्यस्‍थल से निर्धारित शैक्षिक संस्‍था तक जाने के लिए एक बिज़नेस क्‍लैस वापसी हवाई किराया।

ii. मानदेय, आवास, भोजन व्‍यवस्‍था, प्रासंगिक व्‍यय आदि सहित सभी व्‍ययों को कवर करने हेतु 15 लाख की एकमुश्‍त राशि।

नोट : आवास या आवास भत्‍ता उपलब्‍ध नहीं कराया जाएगा।

10. जि़म्‍मेदारी

चयनित शास्‍त्रज्ञ की जि़म्‍मेदारियों में शामिल हैं :

i. चयनित शास्‍त्रज्ञ भारतीय रिज़र्व बैंक के साथ परामर्श करके अनुसंधान के विषय को अंतिम रूप देगा।

ii. चयनित शास्‍त्रज्ञ को इस योजना के अंतर्गत रिज़र्व बैंक को बताई गई समय सीमा का पालन करना चाहिए।

iii. अध्‍ययन की समाप्ति पर शास्‍त्रज्ञ को भारतीय रिज़र्व बैंक, मुंबई में सेमिनार प्रस्‍तुति देनी होगी।

iv. रिज़र्व बैंक को इस पत्र को अपनी वेबसाइट में वेब प्रकाशन के रूप में प्रकाशित करने का प्रथमाधिकार होगा।

v. रिज़र्व बैंक और शास्‍त्रज्ञ दोनों के पास इस अध्‍ययन का सर्वाधिकार होगा।

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