दिनांक : अगस्त 19, 2015
अधिकारी ग्रेड ‘बी’- (डी आर) की भर्ती के लिए संशोधित प्रक्रिया

भारतीय रिज़र्व बैंक द्वारा यह निर्णय लिया गया है कि भर्ती वर्ष 2015 से ग्रेड–‘बी’ (डी आर) अधिकारियों की भर्ती के लिए नई चयन योजना प्रारम्भ की जाए। नई चयन योजना के अंतर्गत परीक्षा कंप्यूटर आधारित होगी (वस्तुनिष्ठ प्रकार सहित बहुविकल्पी स्वरूप के प्रश्न) तथा इसमें दो चरण अर्थात चरण-I तथा चरण-II होंगे तथा इसके बाद साक्षात्कार होगा। चरण-I परीक्षा मौजूदा ग्रेड ‘बी’ (डी आर) चरण-I परीक्षा के अनुसार होगी जबकि चरण-II परीक्षा में तीन प्रश्नपत्र होंगे जिसमें से दो अनिवार्य होंगे तथा एक वैकल्पिक प्रश्नपत्र होगा। प्रश्नपत्र-I ‘अंग्रेजी’ तथा प्रश्नपत्र-II ‘आर्थिक और सामाजिक मुद्दे’ अनिवार्य प्रश्नपत्र होंगे। प्रश्नपत्र-III वैकल्पिक प्रश्नपत्र होगा जिसमें ‘वित्त और प्रबंधन’ अथवा ‘अर्थशास्त्र’ अथवा ‘सांख्यिकी’ विषयों का विकल्प होगा। चरण-II में अंग्रेजी का प्रश्नपत्र वर्णनात्मक तथा कंप्यूटर आधारित होगा अर्थात की-बोर्ड की सहायता से कंप्यूटर स्क्रीन पर टाईप करना होगा। प्रत्याशित उम्मीदवारों को सूचित किया जाता है कि चरण-II परीक्षा का आयोजन चरण-I परीक्षा के दो से तीन सप्ताह के भीतर किया जाएगा। नई चयन योजना अनुलग्नक–क में प्रस्तुत है । सभी प्रश्नपत्रों के पाठ्यक्रम अनुलग्नक–ख में प्रस्तुत हैं ।


अनुलग्नक-क

ग्रेड ‘बी’ में अधिकारियों की भर्ती के लिए नई चयन योजना

A. परीक्षा का पैटर्न

  1. परीक्षा के दो चरण होंगे अर्थात चरण-I तथा चरण-II । इसके बाद साक्षात्कार होगा।

  2. चरण-I परीक्षा वस्तुनिष्ठ प्रकार की बहु विकल्प प्रश्नों वाली होगी। चरण-I परीक्षा मौजूदा ग्रेड ‘बी’ (डी आर) चरण-I परीक्षा के अनुसार होगी । इसमें चार मॉड्यूल होंगे अर्थात-सामान्य ज्ञान, अंग्रेजी भाषा, परिमाणात्मक अभिरूचि तथा तार्किक परीक्षा।

  3. चरण-II में तीन प्रश्न पत्र बहुविकल्पी पैटर्न (प्रश्नपत्र-I को छोड़कर) में होंगे अर्थात प्रश्नपत्र-I अंग्रेजी (लेखन कौशल); प्रश्नपत्र-II - आर्थिक और सामाजिक मुद्दे तथा प्रश्नपत्र-III – (वैकल्पिक विषय) वित्त तथा प्रबंधन/ अर्थशास्त्र/ सांख्यिकी।

  4. उम्मीदवारों को सभी प्रश्नपत्रों के उत्तर ऑनलाइन देने होंगे।

  5. चरण-I परीक्षा में सफल होने वाले उम्मीदवार ही बाद में आयोजित चरण-II परीक्षा के लिए उपस्थित होंगे।

  6. चरण-II परीक्षा के परीणामों के आधार पर उम्मीदवारों को साक्षात्कार के लिए चुना जाएगा।

  7. अंतिम तौर पर चयन मेरिट सूची के माध्यम से होगा जो उम्मीदवारों द्वारा चरण-II (प्रश्नपत्र-I + प्रश्नपत्र-II + प्रश्नपत्र-III) परीक्षा तथा साक्षात्कार में प्राप्त अंकों को जोड़कर बनाई जाएगी।

B. परीक्षा की अवधि तथा अंकों का वितरण

i. चरण-I: वस्तुनिष्ठ प्रकार – 2 घंटे – 200 अंक

ii. चरण-II: तीन प्रश्नपत्र – 300 अंक

  1. प्रश्नपत्र-I – ऑनलाइन-अंग्रेजी (लेखन कौशल) - 1½ घंटे – 100 अंक

  2. प्रश्नपत्र-II – आर्थिक और सामाजिक मुद्दे - 1½ घंटे – 100 अंक

  3. प्रश्नपत्र-III – वैकल्पिक प्रश्नपत्र (वित्त तथा प्रबंधन/ अर्थशास्त्र/ सांख्यिकी) - 1½ घंटे – 100 अंक

iii. साक्षात्कार: 50 अंक

साक्षात्कार अपने मौजूदा फार्मेट में ही जारी रहेगा।

C. शैक्षणिक अर्हता

स्नातक डिग्री तथा 12वीं एवं 10वीं कक्षा की परीक्षाओं में न्यूनतम 60% अंक (अजा/अजजा/नि:शक्तजन के मामले में 50%) अथवा समकक्ष।

D. आयु मानदंड तथा ऊपरी आयुसीमा में छूट

  1. “21 से 30 वर्ष” के बीच का मौजूदा आयु मानदंड जारी रहेगा।

  2. एम.फिल तथा पीएच.डी उम्मीदवारों के लिए ऊपरी आयु सीमा क्रमश: 32 तथा 34 वर्ष होगी।

  3. मौजूदा पद्धति के अनुसार अनुभवी उम्मीदवारों को आयु में छूट दी जाती है। सार्वजनिक क्षेत्र के वाणिज्यिक बैंकों/वित्तीय संस्थानों में अधिकारी के रूप में अनुभव रखने वाले तथा भारतीय रिज़र्व बैंक में पूर्व अनुभव रखने वाले उम्मीदवारों को ऊपरी आयु सीमा में अनुभव के वर्षों जितनी छूट दी जाएगी। यह छूट अधिकतम 3 वर्षों की होगी। ऐसे उम्मीदवारों के लिए ऊपरी आयु सीमा अनुभव सहित 33 वर्ष से अधिक नहीं होनी चाहिए। अनुभव के लिए परिवीक्षा अवधि को नहीं गिना जाएगा।

  4. सांविधिक अपेक्षाओं के अनुसार तथा स्टाफ के लिए ऊपरी आयुसीमा में छूट रहेगी।

मौजूदा पद्धति के अनुसार मद (ii), (iii) तथा (iv) के संयोजन से आयु सीमा में संचयी छूट नहीं दी जाएगी ।

E. प्रयासों की संख्या:

अधिकतम अनुमत प्रयासों की सीमा (जो अनारक्षित/सामान्य वर्ग के उम्मीदवारों के लिए ही लागू है) को 4 से बढ़ाकर 6 कर दिया गया है।

विस्तृत जानकारी के लिए उम्मीदवार कृपया विस्तृत विज्ञापन ध्यानपूर्वक पढें जो भारतीय रिज़र्व बैंक की वेबसाइट पर भर्ती प्रक्रिया के समय अपलोड किया जाएगा।


अनुलग्नक - ख
पाठ्यक्रम

1. अंग्रेजी (लेखन कौशल):

अंग्रेजी का प्रश्नपत्र इस प्रकार बनाया जाएगा कि लेखन कौशल, अभिव्यक्ति तथा विषय की समझ का मूल्यांकन किया जा सके।

2. आर्थिक और सामाजिक मुद्दे:

वृद्धि और विकास - वृद्धि का पैमाना: राष्‍ट्रीय आय और प्रति व्‍यक्ति आय - भारत में गरीबी उन्‍मूलन और रोजगार निर्माण- धारणीय विकास और पर्यावरणीय मुद्दे । भारत में आर्थिक सुधार - औद्योगिक और श्रमिक नीति- मौद्रिक और राजकोषीय नीति- निजीकरण - आर्थिक आयोजना की भूमिका । भूमंडलीकरण- भारतीय अर्थव्‍यवस्‍था का खुलापन -भुगतान संतुलन, निर्यात-आयात नीति - अंतरराष्‍ट्रीय आर्थिक संस्‍थाएं - अंतरराष्‍ट्रीय मुद्राकोष और विश्‍व बैंक - विश्‍वव्‍यापार संगठन- क्षेत्रीय आर्थिक सहयोग । भारत में सामाजिक संरचना - बहुसंस्‍कृतिवाद- जनसंख्‍यात्‍मक प्रवृत्तियां - शहरीकरण और पलायन- लैंगिक समस्‍याएं - सामाजिक न्‍याय: अल्‍पसुविधा प्राप्‍त लोगों के पक्ष में सकारात्‍मक भेदभाव - सामाजिक आंदोलन - भारतीय राजनैतिक प्रणाली - मानव विकास - भारत में सामाजिक क्षेत्र, स्‍वास्‍थ्‍य और शिक्षा ।

सुझाई गई संदर्भ सामग्री:

पुस्तकें:

  1. इंडियन इकॉनमी: उमा कपिला (पुस्तक श्रृंखला)

  2. इंडियन इकॉनमी: मिश्रा पुरी । (नवीनतम संस्करण)

  3. ग्रोथ एंड डेवल्पमेंट: देवराज रे

  4. सोशऑलजी: सी.एन. शंकर राव

समाचार पत्र:

  1. इक्नॉमिक टाईम्स

  2. हिंदू

  3. बिजनेस स्टैंडर्ड

साप्ताहिक/मासिक पत्रिकाएं/बुलेटिन/रिपोर्टें

  1. इक्नॉमिक एंड पॉलिटिकल वीकली

  2. सदर्न इकॉनमिस्ट

  3. योजना

  4. बिजनेस इंडिया

  5. भारिबैं बुलेटिन

रिपोर्टें:

  1. वर्ल्ड डेव्लपमेंट रिपोर्ट

  2. भारत का आर्थिक सर्वेक्षण

3. वित्त तथा प्रबंधन:

(क) वित्त

(अ) वित्तीय प्रणाली

  1. बैंकों और वित्तीय संस्थाओं के विनियामक

  2. भारतीय रिज़र्व बैंक – कार्य तथा मौद्रिक नीति का संचालन, भारत में बैंकिंग प्रणाली, वित्तीय संस्थाएं – सिडबी, एग्जिम, नाबार्ड, राष्ट्रीय आवास बैंक आदि।

(ब) वित्तीय बाजार

  1. प्राथमिक तथा द्वितीयक बाजार (विदेशी मुद्रा, मुद्रा, बांड, इक्विटी आदि) के कार्य, साधन, हाल ही में हुए विकास।

(स) सामान्य विषय

  1. बैंकिंग क्षेत्र में जोखिम प्रबंधन

  2. डेरिवेटिव की मूल बातें: फार्वर्ड, फ्यूचर्स तथा स्वैप

  3. बैंकिंग क्षेत्र का बदलता परिदृश्य

  4. वित्तीय क्षेत्र में हाल ही में हुए सुधार, पोर्टफोलियो निवेश, सार्वजनिक क्षेत्र के सुधार, विनिवेश

  5. वित्तीय समावेशन – प्रौद्योगिकी का प्रयोग

  6. वित्त के वैकल्पिक स्रौत, निजी तथा सामाजिक लागत-लाभ, सार्वजनिक-निजी भागीदारी

  7. बैंकिंग क्षेत्र में कंपनी अभिशासन, सरकारी क्षेत्र में भ्रष्टाचार तथा अकुशलता दूर करने में ई-अभिशासन की भूमिका

  8. संघीय बजट- प्रत्यक्ष तथा अप्रत्यक्ष कर; राजस्व के करेतर स्रोत, जीएसटी, 13वां वित्तीय आयोग तथा जीएसटी, वित्तीय आयोग, राजकोषीय नीति, राजवित्तीय उत्तरदायित्व और बजट प्रबंध अधिनियम (एफआरबीएम)

  9. मुद्रास्फिति: परिभाषा, प्रवृत्ति, अनुमान, परिणाम तथा उपाय (नियंत्रण): थोक मूल्य सूचकांक, उपभोक्ता मूल्य सूचकांक - घटक तथा प्रवृत्तियां

सुझाई गई संदर्भ सामग्री:

  1. एन इंट्रोडक्शन टू इक्नॉमिक्स – ए डब्ल्यू स्टोनिअर तथा डी सी हॉग

  2. मॉनिटरी थियोरी एंड पब्लिक पॉलिसी – किनिथ कुरिहरा

  3. इंडियन इकॉनमी- मिश्रा तथा पुरी

  4. भारतीय अर्थव्यवस्था –आर. दत्त तथा केपीएम सुंदरम

  5. इक्नॉमिक ग्रोथ एंड डिवेलप्मेंट – मेयर एंड बाल्डविन

  6. मुख्य आर्थिक समाचार पत्र तथा इक्नॉमिक एंड पॉलिटिकल वीकली

  7. पब्लिक फाइनेंस – के के एंडली तथा सुंदरम

  8. फाइनेन्शियल मैनेजमेंट – प्रसन्न चंद्र

(ख) प्रबंधन:

प्रबंधन: इसकी प्रकृति और कार्यक्षेत्र; प्रबंधकीय प्रक्रिया; आयोजना, संगठन, स्‍टाफ नियोजन, निदेशन एवं नियत्रंण; किसी संगठन में प्रबंधक की भूमिका । नेतृत्‍व: नेता के कार्य; नेतृत्‍वशैली; नेतृत्‍व के सिद्धांत; सफल नेता बनाम प्रभावी नेता । मानव संसाधन विकास: मानव संसाधन विकास (एचआरडी) की अवधारणा; एचआरडी के लक्ष्‍य; कार्य निष्‍पादन मूल्‍यांकन- संभाव्‍यता मूल्‍यांकन और विकास - फीडबैक और कार्य निष्‍पादन परामर्श - कैरियर आयोजना - प्रशिक्षण और विकास - पुरस्‍कार - कर्मचारी कल्‍याण । अभिप्रेरणा, मनोबल और प्रोत्‍साहन: अभिप्रेरणा के सिद्धांत; प्रबंधक कैसे अभिप्रेरित करता है; मनोबल की अवधारणा; मनोबल को निर्धारित करने वाले तत्‍व; मनोबल बढ़ाने में प्रोत्‍साहनों की भूमिका । संप्रेषण: संप्रेषण प्रक्रियाक्रम; संप्रेषण माध्‍यम; मौखिक बनाम लिखित संप्रेषण; वाचिक बनाम अवाचिक संप्रेषण; उर्ध्‍वगामी, अधोगामी और पार्श्विक संप्रेषण; संप्रेषण की बाधाएं, सूचना तकनीक की भूमिका । कंपनी अभिशासन: कंपनी अभिशासन को प्रभावित करने वाले तत्‍व; कंपनी अभिशासन के तंत्र।

इस खंड के प्रश्न मूलभूत स्वरूप के होंगे।

4. अर्थशास्त्र:

a. व्यष्टिअर्थशास्त्र

  1. उपभोक्ता व्यवहार तथा फर्म; जमीन, श्रम तथा पूंजी जैसे संसाधनों का मूल्य

  2. बाजार-एकाधिकार, पूर्ण तथा अपूर्ण प्रतिस्पर्धा

  3. मूल्य तथा गतिविधि का सामान्य संतुलन, आर्थिक कल्याण तथा विनियामक/नीतिगत हस्तक्षेप के लिए मामले

b. समष्टिअर्थशास्त्र

  1. राष्ट्रीय आय तथा इसके घटकों का मापन; बेसिक मैक्रो आइडेन्टिटीज तथा समष्टि संतुलन की अवधारणा; वस्तु तथा वित्तीय बाजार संतुलन (आईएस-एलएम फ्रेमवर्क)

  2. मुख्य समष्टिअर्थशास्त्र दर्शन, क्लासिकल, कीन्सियन तथा मुद्रावादी

  3. उपभोग तथा निवेश मांग; मांग प्रबंधन नीतियां तथा उनकी प्रभावकारिता

  4. मुद्रा मांग तथा आपूर्ति; मौद्रिक तथा राजकोषीय नीतियां

c. अंतरराष्ट्रीय अर्थशास्त्र

  1. अंतरराष्ट्रीय व्यापार के लाभ, तुलनात्मक तथा निरपेक्ष लाभ, संसाधनों के आबंटन तथा साधन मूल्य को एक समान करने पर अंतरराष्ट्रीय व्यापार का प्रभाग, गैर-पारंपरिक व्यापार अवरोध, इष्टतम मुद्रा क्षेत्र तथा कस्टम यूनियन का प्रभाव

  2. खुली अर्थव्यवस्था में अंतरराष्ट्रीय वित्त तथा विनिमय दर मामले, परस्पर संबद्ध वित्तीय बाजारों के लाभ तथा लागत; अंतरराष्ट्रीय वित्तीय संरचना का विकास

d. लोक अर्थशास्त्र

  1. सार्वजनिक माल, वित्तपोषण के साधन, सरकार कर राजस्व तथा करेतर राजस्व

  2. प्रत्यक्ष तथा अप्रत्यक्ष कर, वस्तुओं पर कर की कुशलता लागत, आय-कराधान, श्रम आपूर्ति तथा बचत, कार्पोरेट कर तथा कार्पोरेट व्यवहार

  3. सरकार व्यय नीति – विभिन्न घटक, घाटे की वित्त व्यवस्था तथा अर्थव्यवस्था पर इसका प्रभाव, सरकारी ऋण तथा निजी पूंजी का बहिर्गमन

e. भारत की अर्थव्यवस्था तथा विकास संबंधी मुद्दे

  1. विकास के नियोजित मॉडलों के साथ भारत का प्रयोग तथा उनका परिणाम, संरचनात्मक मुद्दे – बचत तथा निवेश, जनसांख्यिकी, शहरीकरण, उत्पादकता, आदि, निर्धनता संबंधी मुद्दे, असमानता तथा रोजगार

  2. कृषि-नीति तथा विकास, निर्माण प्रतिस्पर्धा; भारत के पिछड़ेपन का कारण, मुख्य आर्थिक क्षेत्रों में सार्वजनिक क्षेत्र के उद्यमों की भूमिका, भारत का लचीला सेवा क्षेत्र, व्यापार, पर्यटन, संचार, आईटीईएस आदि

  3. वित्तीय क्षेत्र विनियमन तथा सुधार – बैंकिंग, बीमा तथा पूंजी बाजार, राजकोषीय नीति तथा सरकार की बदलती प्राथमिकताएं मौद्रिक नीति का आविर्भाव तथा इसकी नई भूमिका

सुझाई गई संदर्भ सामग्री:

  1. माइक्रोइक्नॉमिक्स, स्टूडेंट वेल्यू एडिशन (8वां संस्करण) राबर्ट पिनपडिक, डेनियल रुबिनफेल्ड

  2. इंटरमीडिएट माइक्रोइक्नॉमिक्स: ए माडर्न अप्रोच (8वां संस्करण) हाल आर. वेरियन

  3. मैक्रोइक्नॉमिक्स (2011) द्वारा रुडिजर डॉर्नबुश, स्टेनले फिशर, रिचर्ड स्टार्ज

  4. मैक्रोइक्नॉमिक्स द्वारा एन. ग्रेगरी मैनकिव, सातवां संस्करण

  5. इंटरनेशनल इक्नॉमिक्स (2013) द्वारा डॉमिनिक सेल्वाटोर

  6. इंटरनेशनल इक्नॉमिक्स (2011) द्वारा पॉल क्रुगमैन तथा मॉरिक्स ऑब्सफेल्ड

  7. इंटरनेशनल फाइनेंस एंड ओपन इकॉनमी मैक्रोइक्नॉमिक्स (1993) द्वारा फ्रांसिस्को एल. रिवेरा-बाटाइज लुइस ए. रिवेरा - बाटाइज

  8. पब्लिक फाइनेंस इन थियोरी एंड प्रेक्टिस (1989) द्वारा रिचर्ड एबेल मसग्रेव तथा पैगी बी. मसग्रेव

  9. द कनसाइज ऑक्सफोर्ड कंपेनियन टू इक्नॉमिक्स इन इंडिया, संपादन कौशिक बसु तथा अनेमी मार्टेन्स

  10. इंडियन इकॉनमी सिन्स इंडिपेंडेंस (2014) संपादन उमा कपिला

  11. इंडियन इमॉनमी: परफोर्मेंस एंड पॉलिसिज (2015) संपादन उमा कपिला

  12. इंडिया डिवेलपमेंट रिपोर्ट (2015) संपादन एस. महेंद्र देव

5. सांख्यिकी:

1. संभाव्यता: यादृच्छिक चर, संभाव्यता प्रमेय, सप्रतिबंध संभाव्यता, स्वतंत्र घटनाएं, बेज प्रमेय तथा इसकी एप्लीकेशन, प्रत्याशा, मोमेंट्स, वितरण फलन, द्विपद, पॉयजन, ज्यामितिय, घातांक, ऋणात्मक द्विपद, हाइपरज्यामितिय, कॉशी, लॉप्लास, लॉजिस्टिक, परेटो, लॉग-नॉर्मल, बीटा और गामा वितरण, वीबुल, यूनिफार्म, द्विचर सामान्य वितरण तथा ट्रनकेटेड सामान्य वितरण, मार्कोव की असमानता, चबीशोव की असमानता, कॉशी-श्वार्ज़ की असमानता, लॉज ऑफ लार्ज नबंर, केंद्रीय सीमा प्रमेय तथा इसका एप्लीकेशन।

2. सांख्यिकीय पद्धति: पाप्युलेशन तथा सैम्पल, केंद्रीय प्रवृत्तियों का माप मानदंड तथा सांख्यिकी, सहसंबंध तथा प्रतिगमन, अंत: श्रेणी सहसंबंध, बहु तथा आंशिक सहसंबंध, स्पीयरमैन का कॉफिशिएंट ऑफ रैंक कोरिलेशन, Z, काइ स्क्वैयर, टी तथा एफ सांख्यिकी उनके गुण तथा उनका एप्लीकेश, वृहत प्रतिदर्श वितरण, वेरियेंस स्टेबिलाइजिंग ट्रांस्फोर्मेशन्स, सिन इनवर्स, वर्गमूल, लॉगरिथमिक तथा z ट्रांस्फोर्मेशन

3. रेखीय मॉडल्स: सामान्य रेखीय मॉडल्स, ब्लयू मेथड ऑफ लीस्ट स्क्वैयर, गॉस-मार्कऑफ प्रमेय, त्रुटि प्रसरण का अनुमान, साधारण तथा बहु रेखीय प्रतिगमन मॉडल्स, महत्वपूर्ण धारणाएं तथा धारणाओं के उल्लंघन की स्थिति में प्रबंध, प्रतिगमन निदान, एक, दो तथा तीन मार्गी वर्गीकरण में प्रसरण विश्लेषण, एक तथा दो मार्गी वर्गीकरण में सहप्रसरण का विश्लेषण।

4. सांख्यिकीय अनुमान: अनुमानकों के गुण, एमवीयूई, राव-ब्लैकवेल तथा लेह्मन-शेह्फ प्रमेय, क्रेमर-राव असमानता, अनुमान की पद्धतियां, अधिकतम संभाव्यता के लक्षण तथा अन्य अनुमानक, कॉन्फिडेंस इंटरवल, साधारण तथा जटिल अनुमान, टाइप I तथा टाइप II त्रुटियां, परीक्षण का आकार तथा शक्ति, सर्वाधिक शक्तिशाली तथा एक समानरूप से सर्वाधिक शक्तिशाली परीक्षण, नीमन-पिअरसन लेमा, संभाव्यता अनुपाल परीक्षण तथा इसके गुण और एप्लीकेशन, एसपीआरटी, ओसी तथा एएसएन फलन, गुडनेस ऑफ फिट परीक्षण, पैरामीट्रिक बनाम गैर-पैरामीट्रिक परीक्षण, आमतौर पर प्रयोग किए जाने वाले गैर-पैरामीट्रिक आनुमानिक सांख्यिकीय पद्धति।

5. मल्टीवेरिएट विश्लेषण: बाइवेरिएट तथा मल्टिवेरिएट नार्मल डिस्टीब्यूशन, मार्जिनल एंड कंडिशनल डिस्टीब्यूशन, मीन वेक्टर तथा सहप्रसरण मेट्रिक्स का अनुमान, अनुमानकों के अनन्तस्पर्शी गुण, सैम्पलिंग डिस्ट्रिब्यूशन X तथा S, महालानोबिस D2 तथा होटेलिंग का T2 तथा इसका एप्लीकेशन।

6. इष्टतम प्रयोग करने की तकनीक तथा सांख्यिकीय गुणवत्ता नियंत्रण: रेखीय प्रोग्रामिंग, परिवहन समस्या, अनुकरण (सिमुलेशन) की मूल धारणा, गुणवत्ता नियंत्रण, प्रक्रिया नियंत्रण तथा उत्पाद नियंत्रण, नियंत्रण चार्ट, स्वीकृति प्रतिचयन योजना, एकल तथा दोहरी प्रतिचयन योजनाएं (एएसएन, ओसी, एटीआई, एलटीपीडी, एओक्यूएल)

7. प्रतिदर्श सर्वे तथा प्रयोग का डिजाइन: साधारण तथा स्तरीकृत यादृच्छिक प्रतिचयन, अनुमान की अनुपात तथा प्रतिगमन पद्धतियां, दोहरा प्रतिचयन, सुव्यवस्थित, क्लस्टर, दो चरण तथा पीपीएस प्रतिचयन, प्रतिचयन तथा गैर-प्रतिचयन त्रुटियां, प्रयोग के डिजाइन का सिद्दांत, पूर्णत: यादृच्छिक डिजाइन, यादृच्छिक ब्लॉक डिजाइन, लैटिन स्क्वैयर डिजाइन, मिसिंग प्लॉट तकनीक, 22 तथा 23 फैक्टोरिअल डिजाइन, स्प्लिट प्लॉट डिजाइन तथा संतुलित अपूर्ण ब्लॉक डिजाइन, फ्रेक्शनल, फैक्टोरियल प्रयोग।

8. अनुप्रयुक्त अर्थशास्त्र सांख्यिकी: टाइम सीरिज बनाम क्रॉस सेक्शनल डेटा, गुणक तथा योज्य मॉडल्स, आटो-सहसंबंध, आंशिक आटो-सहसंबंध, स्मूदिंग तकनीक, सामयिक तथा चक्रीय समायोजन, मूल्य तथा गुणवत्ता सूचकांक, सूचकांकों के प्रकार तथा उनके गुण, चेन तथा स्थिर आधार वाले सूचकांक, निर्वाह व्यय सूचकांक, थोक मूल्य सूचकांक, उपभोक्ता मूल्य सूचकांक, औद्योगिक उत्पादन सूचकांक, गिनि का गुणक, लॉरेंज वक्र, आय डिस्टीब्यूशन में परेटो तथा लॉगनॉर्मल लागू करना।

9. जन्म-मृत्यु के आंकड़े: जन्म-मृत्यु के आंकड़ों के संकलन का स्रोत, जनगणना तथा आंकडों के पंजीकरण में त्रुटियां, जनसंख्या की माप, जन्म-मृत्यु की घटना की दर तथा अनुपात, स्थिर तथा स्थायी जनसंख्या, जीवन सारिणी, उर्वरता, मृत्युदर तथा प्रजनन की माप, प्राकृतिक वृद्धि की क्रुड दरें, पर्ल का वाइटल सूचकांक।

10. संख्यात्मक विश्लेषण: फ्लोटिंग गणना के सिद्धांत तथा पूर्णांकन त्रुटियां, रैखिक समीकरण फैक्टराइजेशन पद्धति, केंद्रीकरण तथा स्केलिंग, अवशेष त्रुटि शोधन पद्धति, पुनरावृत्तीय पद्धति, जाकोबी, गॉस-साइडेल पद्धति, न्यूटन तथा न्यूटन लाइक पद्धति, स्वैच्छिक इष्टतमीकरण, लैगरांज अंतर्वेशन (इंटरपोलेशन) तकनीक, क्यूबिक स्पलाइनिस, त्रुटि अनुमान, बहुपदीय तथा लीस्ट स्कवैयर एप्रोक्सीमेशन, अंतर्वेशन (इंटरपोलेशन) द्वारा एकीकरण, एडेप्टिव क्वाड्राचर्स तथा गॉस पद्धतियां।

11. आधारभूत कंप्यूटर एप्लीकेशन: कंप्यूटर का फंक्शनल आर्गनाइजेशन, कलन गणित, प्रोग्रामिंग की आधारभूत संकल्पनाएं, प्रोग्राम की टेस्टिंग और डिबगिंग, सबप्रोग्राम तथा सबरूटिन्स, सोर्टिंग तथा सर्च करने की पद्धतियां, डाटाबेस प्रबंधन प्रणाली, सॉफ्टवेयर इंजीनियरिंग, नेटवर्किंग की आधारभूत जानकारी, इंटरनेट तकनीकें, वेब तथा एचटीएमएल, डिस्ट्रीब्यूटेड प्रणालियां, सी, मिनिटैब तथा फोरट्रान का प्रयोग करके प्रोग्रामिंग।

सुझाई गई संदर्भ सामग्री:

  1. एटकिंसन के.ई, (1989): एन इंट्रोडक्शन टू न्यूमेरिकल एनालिसिस, विली

  2. भट्ट, बी.आर. (2007): माडर्न प्रोबेबिलिटी थियोरी, न्यू एज इंटरनेशनल

  3. कोकरैन, विलियम जी (1977): सैम्पलिंग टैक्निक्स जॉन विली एंड संस, न्यू यार्क

  4. दास, एम.एन. तथा एन.सी. गिरि (1986): डिजाइन एंड एनालिसिस ऑफ एक्सपेरिमेंट्स, विली इस्टर्न लि.

  5. ड्रेपर, एन.आर तथा एच. स्मिथ (1998): एप्लाइड रिग्रेशन एनालिसिस, जॉन विली एंड संस

  6. गून, ए.एम., एम.के. गुप्ता तथा बी. दासगुप्ता (2001): फंडामेंट्ल्स ऑफ स्टैटिसटिक्स। (2 खंड), वर्ल्ड प्रैस, कोलकाता.

  7. गिबन्स, जे.डी. एंड एस चक्रबर्ती (2007): नॉन पैरामिट्रिक स्टैटिस्टिकल इन्फरेंस, चैपमैन एंड हॉल।

  8. गुप्ता, एस.सी तथा वी.के कपूर (2007): फंडामेंटल्स ऑफ मैथमेटिकल स्टैटिसटिक्स, सुलतान चंद एंड संस

  9. गुप्ता, एस.सी तथा वी.के कपूर (2008): फंडामेंटल्स ऑफ एप्लाइड स्टैटिसटिक्स, सुलतान चंद एंड संस

  10. हॉलैंडर माइल्स तथा डगलस ए वुल्फ (2006): नॉन पैरामिट्रिक स्टैटिस्टिकल मेथड, विली।

  11. क्षीरसागर, ए.एम. (1983): ए कोर्स इन लीनियर मॉडल्स मार्सेल डेक्कर, न्यू यार्क

  12. मोंटगोमरी, डी.सी. (2008): डिजाइन एंड एनालिसिस ऑफ एक्सपेरिमेंट्स, जॉन विली एंड संस

  13. मोंटगोमरी, डी.सी. ई.ए. पैक तथा जी.जी वाइनिंग (2006): इंट्रोडक्शन टू लीनियर रिग्रेशन एनालिसिस, जॉन विली एंड संस

  14. मूर्थि, एम.एन. (1967): सैम्पलिंग थियोरी एंड मेथड, स्टैटिस्टिकल पब्लिशिंग सोसायटी, कोलकाता

  15. राजारमन, वी. (2010): फंडामेंटल्स ऑफ कंप्यूटर्स, प्रिन्टाइस हॉल इंडिया ।

  16. रोहतागी, वी.के. तथा ए.के. मो. एहसानेसालेह (2009): एन इंट्रोडक्शन टू प्रोबेबिलिटी एंड स्टैटिस्टिक्स, जॉन विली एंड संस

  17. सक्सेना, एच.सी. (2005): फाइनाइट डिफरेंसेस एंड न्यूमेरिकल एनालिसिस, एस चंद एंड कंपनी

  18. सिल्बरशॉट्ज, ए., एच.एफ कोर्थ तथा एस. सुदर्शन (1997): डाटाबेस सिस्टम कॉन्सेप्ट्स, मैकग्रा-हिल।

  19. सिन्हा, पी.के.(2010): कंप्यूटर फंडामेंट्ल्स, यूनिवर्सिटी साइंस प्रैस।

  20. सुखात्मे, पी.वी., बी.वी. सुखात्मे, एस. सुखात्मे, तथा सी. असोक (1984): सैम्पलिंग थियोरी ऑफ सर्वेज विद एप्लीकेशन्स, आयवा स्टेट यूनिवर्सिटी, प्रैस, आयवा, यूएसए।

  21. स्वरूप, के., पी.के. गुप्ता तथा एम.एम. सिंह (1985): ऑपरेशन्स रिसर्च, सुलतान चंद एंड संस।

  22. ताहा, एच.ए. (1982): ऑपरेशन्स रिसर्च: एन इंट्रोडक्शन. मैकमिलन पब्लिशिंग कंपनी।

  23. नोट: तकनीकी शब्दों हेतु अंग्रेजी संस्करण मान्य होगा।

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